पश्चिम बंगाल बार काउंसिल चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा, समीर पाल बने अध्यक्ष

अजय चौबे उपाध्यक्ष निर्वाचित, सोनल सिंहा का सीएम ने किया स्वागत

स्पष्टता न्यूज़

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बार काउंसिल के पदाधिकारियों के चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस परिणाम को राज्य की राजनीति में बदलते माहौल और बीजेपी के प्रति बढ़ते समर्थन का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों अधिवक्ताओं ने अपने फैसले से यह संदेश दिया है कि वे राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।


बार काउंसिल के अध्यक्ष पद पर समीर पाल ने 18-8 वोटों से जीत दर्ज की। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर अजय चौबे 17-9 वोटों से निर्वाचित हुए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया में पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि के रूप में अरुण सरकार ने भी 17-9 वोटों से जीत हासिल की। मुख्यमंत्री ने तीनों निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में राज्य के अधिवक्ताओं की समस्याओं और कानूनी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए मिलकर काम किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले हुए बार काउंसिल के सदस्य चुनाव में बीजेपी समर्थित तीन उम्मीदवारों को जीत मिली थी, जबकि अधिकांश सीटों पर तृणमूल कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सफल हुए थे। लेकिन अब पदाधिकारियों के चुनाव में तस्वीर बदलती दिखाई दी है।


उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने विधानसभा चुनाव के बाद पहले हुए बार काउंसिल चुनाव के परिणाम को लेकर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में काफी प्रचार किया था। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अब ऐसे लोगों को आज की हार पर आत्ममंथन करना चाहिए।


मुख्यमंत्री के अनुसार, अधिवक्ता समाज एक महत्वपूर्ण और जागरूक वर्ग है। उनके फैसले को केवल किसी चुनाव का परिणाम नहीं, बल्कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक दिशा के संकेत के रूप में भी देखा जाना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी भी उनके पास है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दुर्गापूजा की छुट्टियों के बाद नवनिर्वाचित बार काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अधिवक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।


उन्होंने कहा कि राज्यभर में वकीलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले न्यायिक और पेशेवर बुनियादी ढांचे में कई समस्याएं हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए योजनाएं तैयार की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अधिवक्ता समुदाय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।


समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में गठित आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरत पड़ने पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर यूसीसी को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने धार्मिक परिवर्तन के मुद्दे पर भी कानून लाने की बात कही, हालांकि इसके स्वरूप और समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।


दुर्गापूजा परंपराओं के अनुसार होगी: मुख्यमंत्री
दुर्गापूजा के आयोजन और उद्घाटन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूजा-पाठ धार्मिक परंपराओं और पंचांग के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महालया या मातृपक्ष के दौरान पंडालों का उद्घाटन किया जा सकता है, जबकि देवी का विधिवत बोधन षष्ठी के दिन और कोलाबौ स्नान सप्तमी के दिन होता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गापूजा के अवसर पर कोलकाता में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। शहर की सजावट और उत्सव के माहौल पर उन्होंने संतोष जताया। हालांकि, कुछ प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम की समस्या को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सक्रिय किया गया है।


उन्होंने राज्य में 12,400 नई दुर्गापूजाओं के आयोजन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे पहले कई क्षेत्रों में पूजा आयोजित करने में कठिनाइयां आती थीं। उनके अनुसार, अब इन आयोजनों को अनुमति और आर्थिक सहयोग मिलने से ग्रामीण तथा दूरदराज के इलाकों में भी दुर्गापूजा का विस्तार हुआ है।

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